Sunday, November 6, 2022

अमृत वटी है गिलोय


गिलोय जिसका वैज्ञानिक नाम टिनोस्पोरा कोर्डीफोलिया  है  जिसका आकर पान के पत्ते जैसा होता है ! इसकी लता या बेल होती है जो नीम या किसी अन्य वृक्ष के आस पास लपेटे होती है और उसी वृक्ष के गुण  ये ले लेती है ! इसे आयुर्वेद में अमृता के नाम से भी जाना जाता है ! गिलोय जंगलो में फैली रहती है लेकिन जानकारी के आभाव में हम इसे पहचान  नहीं पाते ! नीम के साथ चढ़ी गिलोय की बेल सबसे ज्यादा फायदे मंद होती है !यह आयुर्वेद में  सबसे महत्वपूर्ण जड़ी बूटी है इसके कुछ महत्वपूर्ण फायदे या उपयोग है -


ज्वर में उपयोगी है -  किसी भी प्रकार के ज्वर में गिलोय बहुत ही उपयोगी है मुख्य रूप से डेंगू के बुखार में यह रामबाण होती है ! ये ब्लड में प्लेट लेट्स की संख्या बढ़ाती है ! इसके साथ ही ये मलेरिया के बुखार में भी उपयोगी है ! 

मधुमेह की रोकथाम में उपयोगी है  -  गिलोय मधुमेह की रोकथाम में भी उपयोगी है इसके उपयोग से ब्लड में शक्कर के स्तर को नियंत्रित किया जाता है इसका नियमित उपयोग करने से मधुमेह के इलाज में मदद मिलती है ! 

पाचन तंत्र को मजबूत बनता है - शरीर को यदि रोगो से लड़ने वाला बनाना है  तो पाचन तंत्र का मजबूत होना जरुरी है जिससे शरीर की प्रतिरोधात्मक क्षमता बढ़ती है गिलोय इसमें बहुत ही उपयोगी है ! गिलोय के निरंतर उपयोग से शरीर मजबूत बनता है ! 



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